IFCI बना बाजार का हीरो! 20% चढ़ा शेयर, NSE IPO से जुड़ी खबर ने भरी उड़ान…..

शुक्रवार को IFCI के शेयरों में जबरदस्त 20 फीसदी की तेजी आई और वे नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। शेयरों में ये तेजी इसलिए आई क्योंकि ऐसी उम्मीदें बढ़ रही हैं कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE जल्द ही मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपने ड्राफ्ट IPO पेपर दाखिल करेगा । IFCI के शेयर 20 फीसदी के अपर सर्किट पर लॉक रहने के कारण 84.57 रुपये प्रति शेयर के नए 52-वीक के हाई पर पहुंच गए । आज हुई जबरदस्त बढ़त से IFCI के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 3,800 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर लगभग 22,786 करोड़ रुपये हो गया ।

NSE IPO से IFCI का अप्रत्यक्ष जुड़ाव और निवेशकों की उम्मीद

यह तेजी इसलिए आई क्योंकि IFCI की स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया SHCIL में 52.86 फीसदी हिस्सेदारी है और SHCIL के पास दिसंबर तिमाही तक NSE की 4.4 फीसदी हिस्सेदारी थी । SHCIL में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी के कारण IFCI का NSE से इनडायरेक्ट जुड़ाव है, जिससे इसके शेयर NSE के IPO से जुड़ी खबरों के प्रति खास तौर पर संवेदनशील हो जाते हैं । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE अगले हफ्ते अपने पहले पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस DRHP फाइल कर सकता है । NSE की प्रस्तावित लिस्टिंग भारत के कैपिटल मार्केट में सबसे बड़ी शेयर बिक्री में से एक हो सकती है ।

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IFCI की वित्तीय स्थिति और समय के साथ शेयर प्रदर्शन

Q4 FY26 में IFCI ने 470 करोड़ रुपये की ऑपरेटिंग राजस्व दर्ज की, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 413.61 करोड़ रुपये थी । IFCI के शेयरों में एक हफ्ते में 6 फीसदी, एक महीने में 38 फीसदी और एक वर्ष में 36 फीसदी की वृद्धि हुई है । शेयर 6 महीने में 73.74 फीसदी उछला है और तीन वर्ष में 355 फीसदी की भारी वृद्धि दिखाई है । IFCI का वर्तमान मूल्य प्रति शेयर 68.5 रुपये है, जिसका पे 100 है और बुक वैल्यू 33.2 रुपये है । कंपनी का मार्केट कैप 18,464 करोड़ रुपये है और प्रमोटर_holding 72.6 फीसदी है ।

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SEBI से NOC और IFCI पर सीधा प्रभाव

SEBI ने इस साल की शुरुआत में NSE के लंबे समय से प्रतीक्षित IPO के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट NOC दिया था । इस रेगुलेटरी मंजूरी से NSE की लिस्टिंग की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है और एक्सचेंज में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी होने के कारण इसका IFCI पर सीधा असर पड़ा है । एक बार IPO पूरा होने पर यह कई पुराने इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों को बाहर निकलने का मौका देगा और देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के लिए एक अहम पड़ाव साबित होगा ।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के साथ जुड़ा है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।